दिल्ली का लोधी गार्डन जॉगर्स के बीच मशहूर है लेकिन आप शायद न जानते हों कि ये वो जगह भी है जहां आप 100-150 तस्वीरें खींचें तो भी आपको लगेगा कि अरे ये तो छूट ही गया ये भी ले लेते हैं। यहां ऐतिहासिक इमारतों का जमावड़ा तो है ही साथ ही प्रकृति भी अपने तमाम रंगों के साथ मौजूद है।मेरी पिछली तस्वीर यहीं ली गई थी और ये वाली भी। ये सिर्फ़ नमूना है...अगर दिल्ली में रहते हैं तो थोड़ा वक़्त निकालिये, लोधी गार्डन होके आइए। यकीन मानिए आप निराश नहीं होंगे। किसी ने सच ही कहा है- दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत चीज़ें मुफ़्त उपलब्ध हैं।
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Thursday, September 10, 2009
ये कालीन प्रकृति ने बनाया है
दिल्ली का लोधी गार्डन जॉगर्स के बीच मशहूर है लेकिन आप शायद न जानते हों कि ये वो जगह भी है जहां आप 100-150 तस्वीरें खींचें तो भी आपको लगेगा कि अरे ये तो छूट ही गया ये भी ले लेते हैं। यहां ऐतिहासिक इमारतों का जमावड़ा तो है ही साथ ही प्रकृति भी अपने तमाम रंगों के साथ मौजूद है।मेरी पिछली तस्वीर यहीं ली गई थी और ये वाली भी। ये सिर्फ़ नमूना है...अगर दिल्ली में रहते हैं तो थोड़ा वक़्त निकालिये, लोधी गार्डन होके आइए। यकीन मानिए आप निराश नहीं होंगे। किसी ने सच ही कहा है- दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत चीज़ें मुफ़्त उपलब्ध हैं।
Wednesday, September 9, 2009
सूरज की करामात
पिछली पोस्ट में सूरज की करामात का ज़िक्र किया था तो इस पोस्ट में उसी कड़ी को आगे बढ़ा रहा हूं। उस रोशनी में कुछ ऐसा है कि वो जिसे चाहे उसे रहस्यमयी और दिलचस्प बना सकती है। एक साधारण तस्वीर को असाधारण बना सकते की क़ुव्वत उसी में है। मुझे नहीं लगता कि एक ख़ास तरह से सूरज भाई यहां मेहरबान नहीं होते तो ये तस्वीर ख़ूबसूरत बन पाती। आप क्या सोचते हैं?
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